सहरसा, अगस्त 12 -- Saharsa News: सहरसा, हिन्दुस्तान टीम। जिले में पौधे लगाने पर जोर है बचाने पर उतना नहीं। कागज पर पौधरोपण बड़ी संख्या में किया जाता दिखाई दे रहा पर धरातल पर कहानी कुछ और बयां कर रही है। जिस संख्या में पौधे लगाने के सरकारी दावे किए जा रहे धरातल पर उस मुताबिक भरपूर हरियाली दिखनी चाहिए थी जो नजर नहीं आ रही। कई जगहों पर अगर पौधे है तो गैबियन लगा नहीं या टूटा नजर आ रहा है। अगर इस योजना की कायदे से जांच की जाय तो बड़ा गड़बड़झाला सामने आ सकता है। अब अगर जिले की एनएच, भारतमाला प्रोजेक्ट और एसएच सड़कों की बात करें तो हजारों की संख्या में सड़क किनारे लगे पौधे काटे गए। उसकी जगह नए पौधे लगाने की रफ्तार काफी सुस्त है. यह भी पढ़ें- Ara News: भोजपुर : सड़क किनारे छह साल में लगे 2.04 लाख पौधे पर नष्ट भी हो रहे जीविका की पौधरोपण योजना बनमा ईटहर...