सहारनपुर, अगस्त 8 -- Saharanpur News: गंगोह । कथावाचक पं. अवनीश शर्मा ने कहा कि भगवान रुद्र दंड देने के साथ ही कृपा के निधान है, और देवताओं की प्रार्थना पर उन्हें अपमानित करने वाले दक्ष को भी क्षमा कर दिया। महलतला स्थित चलतीदेवी मंदिर में शिव महापुराण के दौरान कथावाचक ने कहा कि दक्ष प्रजापति की यज्ञशाला भगवान शिव का अपमान बर्दाश्त न कर पाने के कारण में सती के द्वारा योग अग्नि से अपने शरीर को भस्म कर लिया। जिसके बाद भगवान रुद्र की क्रोधाग्नि से उत्पन्न वीरभद्र द्वारा दक्ष के यज्ञ का विध्वंस कर दिया गया। दक्ष ने भगवान विष्णु से याचना की लेकिन भगवान विष्णु वीरभद्र के समक्ष पराजय स्वीकार कर अपने बैकुण्ठ धाम को लौट गए। यह भी पढ़ें- भगवान शिव की कृपा प्रदान करनेवाला शिवरात्रि व्रतराज है : आचार्य भारतभूषण भगवान विष्णु की पराजय में दधीचि मुनि के ...