सहारनपुर, अगस्त 6 -- Saharanpur News: देहात विधानसभा क्षेत्र के गांव पीकी में पूर्व प्रधान शीशराम की पत्नी की तेहरवीं सामाजिक बदलाव का संदेश बन गई। परिवार ने मृत्युभोज नहीं कराया। इसी अवसर पर भारतीय शिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम गौतम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने हाथ उठाकर ना मृत्युभोज खाएंगे, ना खिलाएंगे का संकल्प लिया और इस मुहिम का समर्थन किया। जयराम गौतम ने कहा कि एक ओर पीड़ित परिवार गम में होता है और दूसरी ओर मृत्युभोज की परंपरा निभाई जाती है, जिसे बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कफन ले जाने की प्रथा में भी धन और संसाधनों की बर्बादी होती है, क्योंकि वह श्मशान में जल जाता है। यदि वही राशि जरूरतमंद परिवार की मदद, गरीब बच्चों की पढ़ाई या जरूरतमंद बेटी की शादी के सामान पर खर्च की जाए तो समाज को वास्तविक लाभ...