सहारनपुर, अगस्त 14 -- Saharanpur News: क्षेत्र के गांव कम्बोहमजरा स्थित सिद्धपीठ हनुमान कुटी में शुक्रवार को मंगल कलश यात्रा के साथ श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथावाचक पंडित संजय प्रपन्नाचार्य ने भगवान शिव के स्वरूप और सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार का सरलता से वर्णन किया। उन्होंने कहा, कि परब्रह्म परमात्मा शिव ने अपने संकल्प से ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र (महेश्वर) के तीन रूप प्रकट किए। ब्रह्मा को सृष्टि निर्माण, विष्णु को पालन और रुद्र को संहार का दायित्व सौंपा गया। तिरोभाव यानी श्वास के आने-जाने और अनुग्रह यानी कृपा करने का कार्य भगवान शिव ने अपने पास रखा। उन्होंने बताया कि महेश्वर साकार स्वरूप हैं, जबकि शिवलिंग भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक है। प्रपन्नाचार्य ने कहा कि 'ॐ' निर्गुण-निराकार और 'नमः शिवाय' सगुण-साकार ...