Saharanpur News: इच्छाओं पर विजय पाना ही सच्चा तप : सिद्धार्थ
सहारनपुर, सितम्बर 23 -- Saharanpur News: सरसावा। श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर से धर्म प्रभावना के लिए आए पंडित सिद्धार्थ और अंश ने तप धर्म का महत्व बताया। सिद्धार्थ ने कहा कि तप केवल भूखे रहने का नाम नहीं, बल्कि इच्छाओं को नियंत्रित करने का साधन है। तप दो प्रकार का होता है। बाह्य तप में उपवास, कम भोजन करना तथा ठंड-गर्मी सहन करना शामिल है, जबकि अभ्यंतर तप में अपने दोषों पर पछतावा, विनम्रता, शास्त्र अध्ययन और मन को शांत रखना शामिल है। जैन मंदिर में चल रहे दस लक्षण पर्व के दौरान उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सोने को आग में तपाकर शुद्ध किया जाता है, उसी प्रकार तप से आत्मा के कर्मों का क्षय होता है। यह भी पढ़ें- Bijnor News: तप शरीर को नहीं आत्मा को भी बनाता है मजबूत अंश ने कहा कि बड़ा तप संभव न हो तो छोटे-छोटे संकल्प लेक...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.