लखनऊ। विधि संवाददाता, जुलाई 16 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार को आवासीय सोसायटीज की विधिवत निर्वाचित रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) तथा अपार्टमेंट मालिकों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों के निस्तारण के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने पर विचार करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा है कि किसी आवासीय सोसायटी के प्रबंधन और उसके प्रशासन की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से आरडब्ल्यूए की होती है। यदि आरडब्ल्यूए लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत कोई निर्णय लेता है और कुछ फ्लैट मालिक उससे असहमत हैं, तो सिर्फ इसी आधार पर संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल नहीं की जा सकती।क्या था अपनी ही सोसाइटी के एसोसिएशन पर आरोप यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने गो...