नई दिल्ली, मई 2 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी संग वैवाहिक झगड़े के दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI), 2005 के तहत पति की इनकम टैक्स डिटेल्स का खुलासा नहीं किया जा सकता। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि ऐसी जानकारी आरटीआई एक्ट के तहत 'व्यापक जनहित' के अपवाद के दायरे में नहीं आती। हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के एक आदेश को रद्द करते हुए यह बातें कहीं। हाईकोर्ट के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि RTI का इस्तेमाल व्यक्तिगत प्रतिशोध या निजी मुकदमों में हथियार के तौर पर नहीं किया जा सकता। प्राइवेसी के अधिकार को सूचना के अधिकार से ऊपर रखते हुए कोर्ट ने पति को बड़ी राहत दी है। यह भी पढ़ें- बच्चे का पासपोर्ट बनवाने के लिए पिता का नाम जरूरी नहीं, दिल्ली HC का बड़ा फैसलाक्या था पूरा म...