नई दिल्ली, मई 9 -- जयपुर की एक एमबीए छात्रा का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों जमकर वायरल हो रहा है, जिसने इंटर्नशिप और कंपनियों की कार्यसंस्कृति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। छात्रा श्रुति ने दावा किया है कि तीन महीने की इंटर्नशिप पूरी करने के बावजूद कंपनी ने उसका स्टाइपेंड रोकने की बात कही है और अब उसे "परफॉर्मेंस सुधारने" के बाद ही आंशिक भुगतान देने की शर्त रखी जा रही है। श्रुति ने यह पूरा मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर साझा किया, जिसके बाद यह तेजी से चर्चा में आ गया। उसने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह इस फैसले के बाद खुद को बेहद थकी हुई, असहाय और पूरी तरह टूट चुकी महसूस कर रही है।तीन महीने की मेहनत, फिर भी स्टाइपेंड पर रोक श्रुति के मुताबिक वह एक अनाम कंपनी में फरवरी से इंटर्नशिप कर रही थी, जो मई 23 को खत्म होने वाली है। ...
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