नई दिल्ली, फरवरी 26 -- प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक निजी ट्रेडिंग फर्म में कथित Rs.1,438 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी कंपनी के लेनदेन के पिछले फॉरेंसिक ऑडिट में कई अनियमितताएं पहले ही उजागर हो चुकी थीं।फॉरेंसिक ऑडिट में क्या पाया गया? हिन्दुस्तान टाइम्स ने ऑडिट रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि जिस समय आरोपी कंपनी उशदेव इंटरनेशनल लिमिटेड (UIL) अपने कर्जों का भुगतान करने में चूक कर रही थी, उसी दौरान उसने यूनाइटेड किंगडम, वर्जिन आइलैंड्स और सिंगापुर में सात विदेशी संस्थाएं बनाई थीं। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह की शिकायत के अनुसार, इन विदेशी संस्थाओं ने वित्त वर्ष 2017-18 में Rs.8,400 करोड़ का राजस्व अर्जित किया था। बैंकों...