रुडकी, जुलाई 5 -- Roorki News: विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक में इस वर्ष सालाना ठेकों की प्रक्रिया के दौरान शीरमाल को सोहन हलवा-पराठा ठेके में शामिल किए जाने से छोटे व्यापारियों में नाराजगी है। वर्षों से शीरमाल बेचकर गुजर-बसर करने वाले दुकानदारों ने इसे अपने रोजगार के लिए खतरा बताया है। वहीं, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि शीरमाल की बिक्री पर किसी भी ठेकेदार का एकाधिकार नहीं होगा।

स्थानीय व्यापारियों की चिंता स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले सोहन हलवा-पराठा ठेके में केवल सोहन हलवा और हलवा-पराठा की बिक्री शामिल थी, जिसके लिए दरगाह प्रशासन एक दुकान आवंटित करता था। इस बार ठेकेदार के प्रार्थना पत्र पर शीरमाल को भी ठेके में शामिल कर दिया गया। इससे वर्षों से शीरमाल बेचने वाले छोटे दुकानदारों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

शीरमाल का म...