रुडकी, अगस्त 19 -- Roorki News: रुड़की, संवाददाता। ज्योतिष गुरुकुलम, नवग्रह पीठ, पुरानी तहसील में चल रही शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस कथा व्यास आचार्य रमेश सेमवाल महाराज ने भगवान शिव की महिमा, शिवलिंग के रहस्य और पूजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिवलिंग भगवान शिव के निराकार और साकार स्वरूप का प्रतीक है। श्रद्धा और भावना के साथ शिवलिंग का पूजन करने से मन को शांति मिलती है तथा जीवन में सकारात्मकता, संयम और सद्भाव का विकास होता है। उन्होंने जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पंचामृत से अभिषेक के महत्व के बारे में भी श्रद्धालुओं को बताया। आचार्य ने कहा कि कलियुग में भगवान शिव की भक्ति को सरल और फलदायी साधना माना गया है। यह भी पढ़ें- शिव पुराण जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य ग्रंथ

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