रुडकी, अगस्त 13 -- Roorki News: कलियर, संवाददाता । दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स की शुरुआत से पहले मेहंदी डोरी की रस्म रबीउल अव्वल का चांद दिखाई देने के बाद अदा की जाएगी। सज्जादानशीन परिवार के सदस्य साहिबजादा शाह खालिक मियां साबरी ने बताया कि यह रस्म वर्षों से चली आ रही है और आज भी दरगाह साबिर पाक के मौजूदा सज्जादानशीन द्वारा परंपरागत तरीके से अदा की जाती है। उन्होंने बताया कि मेहंदी डोरी की रस्म की शुरुआत शाह अब्दुल रहीम साबरी कुद्दुसी के समय से मानी जाती है। रबीउल अव्वल का चांद दिखाई देने के बाद ईशा की नमाज के पश्चात सज्जादानशीन मेहंदी डोरी की रस्म अदा करते हैं। यह भी पढ़ें- साबिर पाक के उर्स की पहली रस्म परचम कुशाई अदा

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