रिषिकेष, अक्टूबर 24 -- Rishikesh News: परमार्थ निकेतन आश्रम में चल रहे योग शिविर के दूसरे दिन शनिवार को साधकों ने योग और आध्यात्म के महत्व को जाना। साध्वी डॉ. भगवती सरस्वती ने कहा कि योग जीवन जीने की कला है। योग के ज्ञान की गहराइयों में उतरने से आनंद की अनुभूति होती है और भीतर से आत्मिक सुख व शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि सच्चिदानंद स्वरूप परमात्मा के सान्निध्य में मिलने वाला आनंद लौकिक वस्तुओं में नहीं मिल सकता। शनिवार को योग शिविर में डीएन शर्मा ने ओम् की ध्वनि और गायत्री मंत्र से योग सत्र का शुभारंभ किया। योग शिक्षक असील कुमार ने हाथ-पैरों के सूक्ष्म अभ्यास, सुदर्शन व वीरेचन क्रिया, योग मुद्रा, सूर्य नमस्कार, शवासन, ताड़ासन आदि करवाए और उनके लाभ बताए। मनमोहन वोहरा ने साधकों को पद्मासन में बैठाकर मूलाधार चक्र की जानकारी दी। ओम् मंत्र ...