रिषिकेष, नवम्बर 5 -- Rishikesh News: धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण पर गुरुवार को संवाद किया गया। इस दौरान संत और आचार्यों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के संयोजक जयेंद्र रमोला ने कहा कि हमारे धर्माचार्य एवं विद्वतजन भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सनातन परंपराओं के सच्चे संवाहक हैं। गुरुवार को मायाकुंड स्थित एक आश्रम में धर्म, संस्कृति, सामाजिक सरोकारों एवं सनातन परंपराओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। आचार्य ओम प्रकाश पूर्वाल ने कहा कि धर्म, संस्कृति, संस्कारों और सनातन परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आने की आवश्यकता है। भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को नैतिकता, सद्भाव, सेवा, समरसता और मानवता का संदेश देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि धर्माचार्यो...