रिषिकेष, सितम्बर 9 -- Rishikesh News: अपनी धरोहर न्यास की ओर से आयोजित दो दिवसीय धरोहर संवाद कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को ढोल विधाओं की प्रस्तुति दी गई। उतराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए ढोलवादकों ने मंत्रों के साथ ढोल की ताल के नियम लोगों को समझाए। स्वामीनारायण आश्रम में आयोजित दो दिवसीय धरोहर संवाद कार्यक्रम के दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण पारंपरिक ढोल विधाओं की प्रस्तुति रही। टिहरी से आये ढोलवादक डॉ. सोहनलाल ने मंत्रों के साथ ढोल की ताल के नियम लोगों को समझाए। उन्होंने बताया कि ढोल के वादन में 750 से अधिक तरह की तालों से वार्तालाप किया जा सकता है, जिसका उन्होंने प्रदर्शन भी किया।

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