नई दिल्ली, जनवरी 26 -- भारत अपने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लगभग हर साल किसी न किसी देश के शासनाध्यक्ष या राजनेता को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करता रहा है। यह आमंत्रण दो देशों या समूहों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण साधन के रूप में इस्तेमाल होते रहे हैं, लेकिन ऐसा भी हुआ है कि इस समारोह में पड़ोसी और धुर-प्रतिद्वंद्वी देश पाकिस्तान के राजनेताओं को दो बार आमंत्रित किया है। अपने पांचवें गणतंत्र दिवस (1955) में भारत ने पहली बार अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। यह आज के कटु संबंधों को देखते हुए एक असंभव सी बात लगती है, लेकिन तब भी रिश्तों में कोई बहुत मिठास नहीं थी, हालांकि तब इतनी खटास भी नहीं थी। दोनों नवनिर्मित देश अपनी-अपनी समस्याओं ...
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