नई दिल्ली, अगस्त 6 -- भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा संस को 'अपर लेयर' नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर वर्गीकृत किया है। दरअसल, रिजर्व बैंक ने साल 2026-27 के लिए अपर लेयर में आने NBFCs की लिस्ट जारी की है। इसमें एक बार फिर से टाटा संस को अपर लेयर वाली कैटेगरी में रखा गया है।अपर लेयर में कौन सी कंपनियां? जून से लागू रिजर्व बैंक के नए नियमों के तहत 1 ट्रिलियन रुपये से ज्यादा एसेट वाली NBFCs को 'अपर लेयर' में रखा जाता है, जिससे उन पर सख्त रेगुलेटरी निगरानी होती है और उन्हें तीन साल के अंदर लिस्ट होना जरूरी हो जाता है। मार्च 2026 तक 2 ट्रिलियन रुपये से ज्यादा के स्टैंडअलोन एसेट के साथ, टाटा संस इसी कैटेगरी में आती है। टाटा संस को NBFC कैटेगरी के तहत कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर पहचाना गया है। कंपनी को अ...