नई दिल्ली, अगस्त 5 -- केंद्रीय रिजर्व बैंक करीब 22 साल के बाद शहरी सहकारी बैंकों को एक बार फिर से लाइसेंस देना शुरू करेगा। इसके लिए जल्द ही आवेदन संबंधी दिशानिर्देशों का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए यह घोषणा की।22 साल से थी रोक बता दें कि आरबीआई ने करीब 22 साल से शहरी सहकारी बैंकों को लाइसेंस देने पर रोक लगा रखी थी। अतीत में कुछ शहरी सहकारी बैंकों में राजनीतिक हस्तक्षेप और कमजोर कामकाज के संचालन के कारण समय-समय पर वित्तीय संकट होने की आशंकाओं के चलते यह फैसला लिया गया था। अब आरबीआई ने इस रोक को हटाने और यूनिवर्सल बैंकों की तर्ज पर 'ऑन-टैप लाइसेंसिंग' (किसी भी समय) प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि इस बारे में जन...