नई दिल्ली, जुलाई 25 -- जुलाई का अंतिम प्रदोष व्रत 26 जुलाई 2026 को रविवार को पड़ रहा है। रविवार को पड़ने वाला यह प्रदोष व्रत रवि प्रदोष व्रत कहलाता है। इस दिन प्रदोष व्रत रखकर पूजा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। व्रत के साथ प्रदोष कथा का पाठ करने से व्रत का पूरा फल मिलता है। प्रदोष काल में शिव पूजा करते समय यह कथा जरूर पढ़नी चाहिए। सावन के दोनों प्रदोष व्रत होंगे बेहद खास, जानें सही डेट, मुहूर्त और पूजा का समयकथा का आरंभ श्री सूतजी कहते हैं, हे विद्वानों और शिवभक्तों! आप सभी भगवान शिव के परम भक्त हैं। आपकी भक्ति को देखकर मैं आज एक व्रती ब्राह्मण की कथा सुनाता हूं। इस कथा को सुनना और स्मरण करना हर भक्त के लिए कल्याणकारी होता है। यह कथा प्रदोष व्रत की महिमा को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।...