नई दिल्ली, जुलाई 12 -- आज 12 जुलाई 2026 को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रवि प्रदोष का व्रत है। अगर प्रदोष तिथि रविवार को पड़ती है, तो इसे रवि प्रदोष कहा जाता है। प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। विवाह में बार-बार बाधा आने वाले लोग इस व्रत को विशेष रूप से फायदेमंद मानते हैं।रवि प्रदोष व्रत की तिथि और समय वैदिक पंचांग के अनुसार, 12 जुलाई 2026 को त्रयोदशी तिथि सुबह 02:04 बजे शुरू होकर 13 जुलाई को रात 10:29 बजे समाप्त होगी। प्रदोष काल शाम 07:22 बजे से रात 09:24 बजे तक रहेगा। इस समय में शिव पूजा का विशेष महत्व है।रवि प्रदोष व्रत का महत्व रविवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत सूर्य और शिव दोनों की कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत रखने और पूजा करने...