Rath Yatra 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 108 कलशों से स्नान के बाद 15 दिनों तक नहीं होंगे महाप्रभु के दर्शन
नई दिल्ली, जून 28 -- ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला स्नान पूर्णिमा उत्सव पुरी जगन्नाथ मंदिर का एक प्रमुख त्योहार है। यह दिन रथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत माना जाता है। इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी को 108 कलशों के पवित्र जल से स्नान कराया जाता है। हजारों भक्त इस मौके पर मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ पड़ते हैं। स्नान यात्रा भगवान की दिव्यता और उनकी मानवीय भावनाओं दोनों को दर्शाती है।108 कलशों से महास्नान की परंपरा स्नान पूर्णिमा के दिन मंदिर के सुन कुएं से निकाले गए जल में जड़ी-बूटियां और सुगंधित इत्र मिलाकर 108 घड़ों से भगवानों का अभिषेक किया जाता है। इस दौरान मंदिर के पुजारी विशेष वस्त्र पहनकर विधि-विधान से पूजा करते हैं। स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ और बलभद्र को हाथी के रूप में सजाया जाता है, जिसे गजानन वेश क...
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