नई दिल्ली, फरवरी 21 -- हिंदू धर्म में रंगभरी एकादशी का खास महत्व होता है। यह त्योहार होली से पहले आता है। फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की आने वाली एकादशी को रंगभरी एकादशी कहा जाता है। इसे आमलकी एकादशी भी कहते हैं। हर माह में पड़ने वाली एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है, लेकिन वर्ष की एकामात्र रंगभरी एकादशी है, जो भगवान शिव को समर्पित है। रंगभरी एकादशी को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। चलिए जानते हैं कि इस साल यानी साल 2026 में रंगभरी या आमलकी एकादशी कब है और इस पर्व का महत्व क्या है? रंगभरी एकादशी पर्व के मानने के पीछे कई किवदंतियां प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि को भगवान शिव देवी पार्वती को विवाह के बाद पहली बार अपनी नगरी काशी लेकर आए थे। शिव जी देवी पार्वती का गौना कराकर पहली बार आ...