नई दिल्ली, मार्च 6 -- हिंदू धर्म में फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर होलिका दहन होता है और फिर अगले दिन होली का पर्व मनाया जाता है। होली के ठीक 5वें दिन रंग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यानी होली का पर्व चैत्र मास के कृष्णपक्ष की पंचमी तिथि तक बना रहता है। रंग पंचमी को देवों की होली के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन तिथि पर देवी-देवता भी पृथ्वी पर होली खेलने के लिए आते हैं। इसलिए इस दिन अलग-अलग देवताओं पर अलग-अलग रंग-गुलाल अर्पित किए जाते हैं। चलिए जानते हैं कि रंग पंचमी के दिन किस देवता को कौन सा रंग अर्पित करना चाहिए। रंग पंचमी का महत्ववैसे रंग पंचमी का पर्व उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में मुख्य रूप से मनाया जाता है। इस साल रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। रंग पंचमी से जुड़ी मान्यता यह भी है कि द्वा...