नई दिल्ली, मार्च 4 -- होली के पांचवें दिन यानी चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी मनाई जाती है। इसकी शुरुआत होली के अगले दिन से हो जाती है, जो पंचमी तक चलती है। ऐसी मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन सभी देवता अपने भक्तों साथ होली खेलने के लिए पृथ्वी पर आते हैं, इसलिए रंग पंचमी को देव पंचमी भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार रंग पंचमी की परंपरा द्वापर युग में कृष्ण ने शुरू की थी। कृष्ण ने राधा के साथ चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को होली खेली थी। यह देखकर गोपियां भी राधा-कृष्ण के साथ होली खेलने लगीं। देवी-देवताओं ने जब पृथ्वी पर आनंद की ऐसी अनोखी छटा देखी, तो उनके अंदर भी राधा-कृष्ण के साथ होली खेलने की इच्छा हुई। अपनी इस इच्छा को पूरी करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने गोपियों और ग्वालों का रूप धारण लिया और उनके साथ...
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