रांची, अक्टूबर 15 -- Ranchi News: रांची, वरीय संवाददाता। किसी व्यक्ति की अचानक हृदयगति रुकने की स्थिति में एंबुलेंस का इंतजार करना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे समय में यदि आसपास मौजूद व्यक्ति को कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना आता हो, तो मरीज को अस्पताल पहुंचने तक नया जीवन मिल सकता है। इसी जीवनरक्षक कौशल के प्रति जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर रिम्स का एनेस्थीसियोलॉजी विभाग शुक्रवार को आम नागरिकों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रहा है। एनेस्थीसियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शिव प्रिये ने बताया कि हृदयगति रुकने पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद संवेदनशील होते हैं। यदि समय पर सीपीआर शुरू कर दिया जाए, तो मरीज के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। यह भी पढ़ें- Pilibhit News: सीपीआर से बचाई जा सकती है...