रांची, सितम्बर 13 -- Ranchi News: रांची। महाराजा अग्रसेन भवन में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को पूरा माहौल भक्तिमय रहा। जगन्नाथ धाम से आए कथावाचक व्यास महाराज दिनेश भारद्वाज ने शुकदेव जी के जन्म, उनके वैराग्य और राजा परीक्षित के जन्म का मार्मिक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में जिज्ञासा ही ज्ञान का पहला द्वार है, और जब यह ईश्वर की ओर मुड़ती है, तभी जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझ आता है। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी ईश्वर पर अटूट विश्वास रखने से रक्षा होती है, जैसा राजा परीक्षित के जीवन में हुआ। संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कथा के अंत में महाआरती कर प्रसाद बांटा गया। तीसरे दिन सृष्टि विस्तार और ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई जाएगी।

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