Ranchi News: बुद्धि और प्रेम के संतुलन से ही संभव है जीवन का समग्र विकास: स्वामी शुद्धानंद
रांची, जुलाई 17 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। योगदा सत्संग कॉलेज में शुक्रवार को ज्ञानोदय व्याख्यान शृंखला के तहत 'जीवन के अनुभवों के प्रति सही दृष्टिकोण', विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता स्वामी शुद्धानंद गिरि थे। उन्होंने उपनिषद् के मंत्र- असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय, का उल्लेख करते हुए कहा कि असत्य से सत्य और अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना ही मानव जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बुद्धि और प्रेम के संतुलन से ही व्यक्ति जीवन के अनुभवों को सही दृष्टिकोण से समझ सकता है और समाज व प्रकृति के प्रति सामंजस्य का भाव विकसित कर सकता है। उन्होंने वर्तमान में जीने, प्रत्येक कार्य को एकाग्रता से करने और स्वयं के निरंतर आत्मपरिष्कार पर बल दिया।
व्याख्यान का मुख्य विषय स्वामीजी ने योगदा...
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