रांची, सितम्बर 22 -- Ranchi News: रांची, संवाददाता। झारखंड की पहचान भले ही खनिज संपदा से होती आई है, लेकिन राज्य की मिट्टी में फूलों की व्यावसायिक खेती की भी संभावनाएं मौजूद हैं। इनमें फूलों का राजा कहा जाने वाला गुलाब सबसे प्रमुख है। रांची की विशेष जलवायु, ऊंचाई और मिट्टी गुलाब की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करती हैं। यही वजह है कि यहां वर्षों से देसी-विदेशी किस्मों के गुलाब उगाए जाते रहे हैं। लोकभवन का उद्यान इसकी सबसे बड़ी मिसाल है, जहां 150 से अधिक किस्मों के गुलाब मौजूद हैं। गुलाब की खेती केवल सजावट तक सीमित नहीं है। यह कट फ्लावर, गुलदस्ते, नर्सरी, गुलाब जल और वैल्यु-एडेड उत्पादों के जरिए किसानों व युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन सकती है। इसके लिए खेती को वैज्ञानिक तकनीक, सुदृढ़ बाजार और प्रसंस्करण उद्योग से जोड़ना...