रांची, सितम्बर 24 -- Ranchi News: रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड में हर साल करीब तीन हजार लोग फार्मासिस्ट के तौर पर निबंधित हो रहे हैं, लेकिन सरकारी नौकरी के लिए उन्हें लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। फार्मासिस्टों का कहना है कि झारखंड बनने के बाद से अब तक सरकार ने फार्मासिस्ट के पद पर एक बार भी नियमित बहाली नहीं निकाली है। ऐसे में फार्मेसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद निबंधित होने वाले युवाओं के सामने निजी संस्थानों में कम वेतन पर काम करने के अलावा सीमित विकल्प रह जाते हैं। फार्मासिस्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट छह से आठ हजार रुपये के मासिक वेतन पर नौकरी करने को मजबूर हैं। कई जगहों पर काम का अनुभव हासिल करने के बावजूद वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होती। इससे फार्मेसी की पढ़ाई पर खर्च करने वाले युवाओं में निराशा ...