रांची, अक्टूबर 12 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि पति द्वारा मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि पत्नी ने इसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी थी। अदालत ने कहा कि वैवाहिक मामलों में क्रूरता के आरोपों पर विचार करते समय पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का उचित मूल्यांकन जरूरी है। केवल आपराधिक मामला दर्ज नहीं होने के आधार पर पत्नी की गवाही को अविश्वसनीय नहीं माना जा सकता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने पत्नी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। अपील में फैमिली कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गयी थी, जिसमें पत्नी की तलाक याचिका खारिज कर दी गयी थी। मामले के अनुसार, मह...