रांची, अक्टूबर 9 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने एक मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि कानून से संघर्षरत नाबालिग को जेजे एक्ट की धारा-12 के तहत जमानत देना सामान्य नियम है। केवल इस आशंका के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता कि रिहा होने पर नाबालिग का संपर्क अपराधियों से हो सकता है। इसके लिए ठोस सामग्री और उचित आधार होना जरूरी है। हाईकोर्ट ने प्रार्थी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत नाबालिग की ओर से दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में हजारीबाग के किशोर न्याय बोर्ड (जेजे बोर्ड) और एडिशनल सेशन जज-सह-स्पेशल जज, बाल न्यायालय के उन आदेशों को चुनौती दी गई थी, जिनमें उसे जमानत देने से इनकार किया गया। यह भी पढ़ें- नाबालिग रेप पीड़िता के शरीर पर ...