रांची, अक्टूबर 28 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री सह इंटक के राष्ट्रीय संगठन सचिव लीलाधर सिंह ने कहा है कि एचईसी जैसे मातृ उद्योग का संचालन जमीन और क्वार्टर बेचकर नहीं, बल्कि उत्पादन और उत्पादों की बिक्री से होता है। कोई भी बड़ा उद्योग अपनी जमीन और क्वार्टर बेचकर न तो लंबे समय तक चल सकता है और न ही अपने कर्मचारियों को लगातार वेतन का भुगतान कर सकता है। लीलाधर सिंह ने कहा कि एचईसी ने सितंबर में 12 करोड़ रुपये का डिस्पैच किया था, जबकि अक्तूबर में अब तक मात्र 70 लाख रुपये का ही डिस्पैच हुआ है। उन्होंने इसके लिए एचईसी के प्लांटों में कार्यरत मध्यम स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जानबूझकर या अनजाने में उत्पादन और बिक्री में इस तरह की गिरावट बेहद चिंताजनक है। आर्थिक संकट...