रांची, सितम्बर 8 -- Ranchi News: रांची। वाहन ऋण चुकाने के लिए जारी 2.75 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में न्यायायुक्त अनिल मिश्रा-1 की अदालत ने आरोपी किशुन महतो की अपील खारिज कर दी। अदालत ने निचली अदालत से मिली एक साल की साधारण कारावास और चार लाख रुपये मुआवजे की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अंतरिम जमानत भी रद्द कर दी। अदालत ने आरोपी को 15 दिनों के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर सजा भुगतने का निर्देश दिया है। मामला जटिन्द्रा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (वर्तमान में वेदिका फिनकॉर्प) से जुड़े वाहन ऋण का है। आरोपी ने 2019 में 1.10 लाख रुपये का वाहन ऋण लिया था। बकाया भुगतान के लिए उसने 12 मई 2023 का 2,75,196 रुपये का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था।

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