रांची, जुलाई 25 -- Ranchi News: रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि झारखंड प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट, 2024 में संशोधन करने की राज्य सरकार की विधायी शक्ति पर अदालत के अंतरिम आदेश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत ने कहा कि सामान्यतः न्यायालय किसी विधायिका को कानून बनाने या उसमें संशोधन करने से नहीं रोकता। न्यायालय की भूमिका कानून बनने के बाद उसकी संवैधानिक वैधता की जांच तक सीमित रहती है।

सुनवाई की प्रक्रिया चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरला बिरला विश्वविद्यालय समेत विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य राय ने अदालत को बताया कि झारखंड प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट, 2024 की कई धाराओं में संशोधन...