रांची, अक्टूबर 23 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सरोज शर्मा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कभी भी शिक्षक का स्थान नहीं ले सकती। तकनीक शिक्षण को सरल और प्रभावी बनाने में सहायक जरूर है, लेकिन विद्यार्थियों की भावनाओं को समझना, उनमें आत्मविश्वास जगाना, नैतिक मूल्यों का विकास करना और उन्हें संवेदनशील नागरिक बनाना शिक्षक की विशिष्ट भूमिका है। उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदना और शिक्षक का विवेक ही शिक्षा की वास्तविक शक्ति है। कुलपति शुक्रवार को विश्वविद्यालय के मोरहाबादी परिसर स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) और विश्वविद्यालय शिक्षा संकाय द्वारा 'डिजिटल युग में शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, कल्याण और ...