रामपुर, जुलाई 22 -- Rampur News: गौ सेवा परिवार फाउंडेशन की ओर से उत्सव पैलेस में आयोजित तीन दिवसीय श्रीनाथ जी रस कथा महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिवस मंगलवार को कथा पंडाल में श्रद्धालुओं का भरी जनसैलाब उमड़ा। कथा के दौरान महाराज श्री ने प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान बाहरी तपस्या या आडंबर से नहीं, बल्कि भक्त के हृदय की निर्मलता और भाव से रीझते हैं।

भगवान की कृपा महाराज श्री ने कहा कि ठाकुर जी को अहंकार की दुर्गंध कतई स्वीकार्य नहीं है। यदि मन निर्मल, प्रेमपूर्ण और अहंकार रहित है, तभी प्रभु की कृपा सहज प्राप्त होती है। उन्होंने वैष्णव प्रेम पर जोर देते हुए कहा कि यदि हृदय में अन्य भक्तों और वैष्णव जनों के प्रति सम्मान व स्नेह नहीं है, तो ठाकुर जी से प्रेम का कोई अर्थ नहीं रह जाता। श्रीनाथ जी उन्हीं पर कृपा करते हैं जो उनके भक्तों का सम्मान और...