रामपुर, अक्टूबर 29 -- Rampur News: मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने और लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर नमूने तो भरता है, लेकिन इनकी जांच के लिए जिले में अपनी प्रयोगशाला नहीं है। ऐसे में विभाग को नमूने जांच के लिए लखनऊ और आगरा की प्रयोगशालाओं में भेजने पड़ते हैं। इनकी रिपोर्ट आने में तीन-तीन माह तक लगने की बात सामने आ रही है। इस बीच संबंधित खाद्य पदार्थ बाजार में बिककर खप जाते हैं। ऐसे में मिलावट की पुष्टि होने तक कार्रवाई में देरी होने और उपभोक्ताओं को समय रहते सचेत करने की व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग का काम केवल नमूने भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि मिलावट की पहचान कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना भी है। दूध, पनीर, खोया, मिठाई, तेल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंक...