रामगढ़, सितम्बर 25 -- Ramgarh News: रामगढ़, निज प्रतिनिधि दसलक्षण महापर्व के दसवें और अंतिम दिन शुक्रवार, को श्री दिगम्बर जैन मंदिर, रामगढ़ कैंट में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की श्रद्धा और भक्ति के साथ आराधना की गई। मुनिश्री 108 पुण्यानंद महाराज, मुनिश्री 108 शुभानंद महाराज और क्षुल्लकश्री 105 दिव्यानंद महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। प्रवचन के दौरान मुनिश्री शुभानंद महाराज ने कहा कि मन को सांसारिक विषयों से हटाकर आत्मा में स्थिर करना ही उत्तम ब्रह्मचर्य है। ब्रह्मचर्य केवल इंद्रियों के संयम तक सीमित नहीं है, बल्कि मन, वचन और कर्म की शुद्धता के साथ आत्मस्वरूप में रमण करना इसका वास्तविक स्वरूप है। यह भी पढ़ें- Kanpur News: पर्युषण पर्व: ब्रह्मचारी शरीर का नहीं, मन व कर्म से भी हो आत्मसंयम ...