रायबरेली, अगस्त 18 -- Raebareli News: महराजगंज। क्षेत्रीय नागरिकों ने बताया करीब 10 दिन पूर्व जहरीले जीव के काटने से मृत पालतू भैंस के शव को खुले में छोड़ दिया गया था, संक्रमित मृत भैंस के सेवन के बाद से ही सियार व कुत्तों में संक्रमण के लक्षण हैं। उधर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश चंद्रा ने ग्रामीणों के कथन को सिरे से नकारते हुए कहा कि संक्रमण जानवरों के लार में होता है जो संक्रमित जानवर के काटने, चाटने व अन्य तरीके से सीधे संपर्क में आने से फैलता है। डॉ चंद्रा के अनुसार कुत्ते, बिल्ली, बंदर व सियार तथा अन्य जानवरों के ब्रीडिंग का समय है। ब्रीडिंग के समय जानवरों में उग्रता रहती ही है। मानसून में बारिश के बाद जलभराव से जानवरों का आशियाना उजड़ने से भी उनके स्वभाव में उग्रता आ जाती है। बिना जानवर की जांच के संक्रमण नहीं कहा जा सकता।

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