नई दिल्ली, फरवरी 27 -- कहते हैं जिन लोगों में वाकई कुछ कर दिखाने का जज्बा होता है, उनके लिए हालात कोई मायने नहीं रखते। रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के जीवन को देखकर इस बात में कोई शक नहीं होता। आज रिलायंस दुनिया की सबसे बड़ी और प्रभावशाली कंपनियों में से एक है। लेकिन इसकी शुरुआत धीरूभाई अंबानी ने बहुत ही साधारण ढंग से की थी। पिता शिक्षक थे और आर्थिक तंगी का आलम ये था कि उन्हें हाईस्कूल के बाद अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। फल बेचने जैसे छोटे-मोटे काम भी किए, फिर यमन जा कर पेट्रोल पंप पर नौकरी भी की। साल 1958 में जब भारत लौटे तो महज 500 रुपए में रिलायंस की शुरुआत की, जो आज दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक है। तो चलिए आज के दिन की शुरुआत उन्हीं के विचारों के साथ करते हैं, जो आप में नया जोश भर देंगे और सोचने का अलग नजरिया...
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