नई दिल्ली, मार्च 17 -- आज की तेज रफ्तार जिंदगी में समय का सही उपयोग करना बहुत जरूरी हो गया है। कई लोग शिकायत करते हैं कि उनके पास काम करने के लिए समय नहीं होता, जबकि सच्चाई यह है कि सही योजना और अनुशासन से समय का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। भगवद गीता सिर्फ आध्यात्मिक ग्रंथ ही नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली एक गाइड भी है। गीता के कई श्लोक हमें बताते हैं कि अपने कर्तव्यों को समय पर कैसे पूरा किया जाए और जीवन में संतुलन कैसे बनाया जाए। आइए जानते हैं समय प्रबंधन से जुड़ी गीता की कुछ महत्वपूर्ण सीख।1. कर्म पर ध्यान दें, फल की चिंता ना करें श्लोक (अध्याय 2, श्लोक 47) "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।" इस श्लोक का अर्थ है कि हमें अपने कर्म यानी काम पर ध्यान देना चाहिए, परिणाम की चिंता में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। जब हम हर...