नई दिल्ली, जून 14 -- 14 जून 2026 की सुबह का सुविचार: सच्चा सुख उन लोगों के साथ नहीं मिलता जो आपको बार-बार ठेस पहुंचाते हैं। सुख तब आता है, जब आप अपने जीवन से नकारात्मक और दुष्ट लोगों को दूर कर देते हैं। आज का दिन पुरानी गलतियों को सुधारने और अच्छे लोगों को अपने करीब लाने का है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में बहुत स्पष्ट शब्दों में बताया है कि कुछ लोग सांप से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं। सांप तो काटकर अपना काम पूरा कर लेता है, लेकिन ये लोग हर कदम पर आपको नुकसान पहुंचाते रहते हैं। आइए चाणक्य नीति के इन महत्वपूर्ण श्लोकों के माध्यम से समझते हैं कि ऐसे लोगों से दूर रहना क्यों जरूरी है।दुर्जन से सांप बेहतर क्यों? आचार्य चाणक्य कहते हैं:दुर्जनेषु च सर्पेषु वरं सर्पो ना दुर्जनः।सर्पो दंशति कालेन दुर्जनस्तु पदे-पदे।। अर्थात् - दुष्ट व्यक्ति और सांप...