नई दिल्ली, मई 25 -- Quote of the Day 25 May 2026: आज के दिन का सुविचार हमें याद दिलाता है कि समय के साथ लोग बदल सकते हैं, लेकिन सच्चाई और चरित्र कभी नहीं बदलता है। सही इंसान को पहचानना कोई जादू नहीं, बल्कि समझदारी का विषय है। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के पांचवें अध्याय में एक बेहद महत्वपूर्ण श्लोक दिया है:'यथा चतुर्भिः कनकं परीक्ष्यते निर्घर्षणं छेदनतापताडनैः।तथा चतुर्भिः पुरुषं परीक्ष्यते त्यागेन शीलेन गुणेन कर्मणा।।' अर्थ: जिस प्रकार सोने की परीक्षा घिसने, काटने, आग में तपाने और पीटने से होती है, उसी प्रकार मनुष्य की परीक्षा त्याग, शील, गुण और कर्म से की जाती है। चाणक्य कहते हैं कि जैसे सोने की खरा-खोटा परखने के लिए उसे कई कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है, वैसे ही इंसान की सच्चाई जानने के लिए भी चार महत्वपूर्ण कसौटियों की जरूरत होती...