नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- Aaj Ka Vichar:आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक मानी जाती हैं। उन्होंने अपने श्लोकों के माध्यम से जीवन को सफल और संतुलित बनाने की कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। खास बात यह है कि उन्होंने इंसानों को कौआ, कुत्ता और गधे जैसे जानवरों से भी गुण सीखने की प्रेरणा दी है। इन गुणों को अपनाकर व्यक्ति न केवल सफलता हासिल कर सकता है, बल्कि एक बेहतर और संतुलित जीवन भी जी सकता है। आइए जानते हैं चाणक्य के उन श्लोकों के बारे में, जिनमें उन्होंने इन जानवरों के गुणों का वर्णन किया है। सिंहादेकं वकादेकं शिक्षेच्चत्वारि कुक्कुटात्।वायसात्पञ्च शिक्षेच्चष्ट्र शुनस्त्रीणिगर्दभात् ॥ आचार्य चाणक्य ने इस श्लोक में बताया है कि इंसान को अलग-अलग जीवों से अच्छे गुण सीखने चाहिए। वो कहते हैं कि सिंह यानी शेर से 1 गुण, बगुले से 1 गुण, ...