नई दिल्ली, मई 13 -- Aaj Ka Suvichar: आचार्य चाणक्य की शिक्षाएं आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। उन्होंने रिश्तों, व्यवहार और सफलता के सिद्धांतों को बहुत ही सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इन बातों को अपने जीवन में अपनाता है, उसके लिए आगे बढ़ना और सफलता पाना आसान हो जाता है। नीचे कुछ ऐसे श्लोक दिए गए हैं, जो जीवन में सही दिशा दिखाने और समस्याओं से बचने में मदद करते हैं।श्लोक 1 परोक्षे कार्य्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भम्पयोमुखम्॥ अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति सामने तो मीठी-मीठी बातें करता है, लेकिन पीछे से आपका काम बिगाड़ता है, ऐसे मित्र को छोड़ देना चाहिए। वह मित्र उस घड़े की तरह होता है जिसमें ऊपर से दूध दिखता है, लेकिन अंदर जहर भरा होता है। यह भी पढ़े...