नई दिल्ली, जून 1 -- 1 जून 2026 की शाम का सुविचार हमें यह याद दिला रहा है कि सच्ची पूजा सिर्फ मंदिर में नहीं, बल्कि उन रिश्तों और कर्तव्यों में है जो हमें महान बनाते हैं। आज शाम को खुद से वादा करें कि आप केवल देवताओं की नहीं, बल्कि उन पांचों की पूजा करेंगे जिनका उल्लेख विदुर नीति में है, क्योंकि सम्मान और यश इन्हीं से मिलता है। महात्मा विदुर महाभारत काल के सर्वश्रेष्ठ नीतिशास्त्री थे। उन्होंने धृतराष्ट्र को जो उपदेश दिए, वे आज भी सफल और सम्मानजनक जीवन जीने का मार्ग दिखाते हैं। विदुर नीति में उन्होंने बताया है कि इस संसार में यश और कीर्ति पाने के लिए पांच विशेष पूजाओं का महत्व है।विदुर नीति का श्लोक:पंचैव पूजयेत् इह लोके, यश: प्राप्नोति केवलम् ।देवान् पितृन् मनुष्यांश्च, भिक्षून अतिथि पंचमान् ।। अर्थ: इस संसार में इन पांच की पूजा करनी चाहिए...