नई दिल्ली, मई 29 -- सच्चा सुख और समृद्धि किसी के अपमान या उपेक्षा से नहीं, बल्कि दूसरों का सम्मान करने और मदद करने से मिलता है। आज 29 मई 2026 के शाम का सुविचार हमें याद दिलाता है कि छोटी-छोटी अच्छाइयां ही जीवन को खुशहाल बनाती हैं। महात्मा विदुर ने धृतराष्ट्र को नीति का उपदेश देते हुए कहा था:चत्वारि ते तात गृहे वसन्तु श्रियाभिजुष्टस्य गृहस्थधर्मे।वृद्धो ज्ञातिरवसत्रः कुलीनः सखा दरिद्रो भगिनी चानपत्या।। अर्थ: हे तात! जिस गृहस्थ के घर में लक्ष्मी का वास होता है, उसके घर में चार व्यक्ति निवास करते हैं - बड़ा-बुजुर्ग परिजन, मुसीबत में पड़ा कुलीन व्यक्ति, गरीब मित्र और निःसंतान बहन। इनका सम्मान करने वाला घर कभी दरिद्र नहीं होता।विदुर नीति का गहरा संदेश विदुर नीति हमें सिखाती है कि सुख-समृद्धि केवल मेहनत या भाग्य से नहीं आती, बल्कि अच्छे आचरण और...