नई दिल्ली, मई 10 -- आचार्य चाणक्य की सीख आज भी पूरी तरह प्रासंगिक मानी जाती है। उन्होंने रिश्तों, व्यवहार और सफलता के सिद्धांतों को बेहद सरल और व्यवहारिक तरीके से समझाया है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाता है, उसके लिए सफलता का मार्ग काफी आसान हो जाता है। नीचे ऐसे ही कुछ श्लोक दिए गए हैं, जो जीवन की समस्याओं से बचने और सही दिशा में आगे बढ़ने में मदद करते हैं। यह भी पढ़ें- Quote Of The Day: निंदा सबसे बड़ा पाप, सत्य सबसे बड़ा तप, पढ़ें चाणक्य के विचारश्लोक 1 देयं भोज्यधनं सुकृतिभिर्नो संचयस्तस्य व श्रीकर्णस्य बलेश्व विक्रमपतेरद्यापि कीर्तिः स्थिता।अस्माकं मधुदानभोगरहितं नष्टं चिरात्सचितंनिर्वाणादिति नष्टपादयुगल घर्षन्यहो मक्षिकाः।। अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि धन को सिर्फ जमा करके रखने का कोई फायदा नहीं होत...
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