नई दिल्ली, जून 18 -- Quote of the day 18 June 2026, Aaj ka suvichar: आचार्य चाणक्य ने अपनी रचना नीति शास्त्र में व्यक्ति के सम्मान, अपमान, प्रेम, धन लाभ-हानि, बर्ताव. संतान समेत कई पहलुओं का वर्णन विस्तार से किया है। आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। कहा जाता है कि चाणक्य नीति को अपनाना मुश्किल होता है, लेकिन जो व्यक्ति इन नीतियों को अपना लेता है, उसे सफलता जरूर प्राप्त होती है। एक श्लोक के माध्यम से उन्होंने बताया है कि कौन-सी स्थितियों या हालातों में व्यक्ति बिना आग के ही अंदर ही अंदर जलता रहता है। पढ़ें आज की चाणक्य नीति।श्लोक: कान्ता वियोगः स्वजनापमानि । रणस्य शेषः कुनृपस्य सेवा ।। दरिद्रभावो विषमा सभा च । विनाग्निना ते प्रदहन्ति कायम् ।। यह भी पढ़ें- ऐसे माता-पिता बच्चों के लिए शत्रु समान होते हैं, पढ़ें आचार्य चाणक्य के ...