Quote of the Day: भविष्य को लेकर डर और उलझन? गीता का ये श्लोक दिखाएगा सही राह
नई दिल्ली, अगस्त 14 -- 14 अगस्त 2026 की सुबह एक शांत और सोचने का मौका लेकर आई है। आज का दिन भविष्य की उलझनों को सुलझाने और मन को स्थिर रखने का है। अगर आप भी करियर, रिश्ते या किसी बड़े फैसले को लेकर असमंजस में हैं, तो श्रीमद्भगवद्गीता की यह सीख आपके लिए बहुत काम आ सकती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भविष्य को लेकर अनिश्चितता आम बात हो गई है। नौकरी बदलें या नहीं, कोई नया रास्ता चुनें या पुराने पर टिके रहें, रिश्ते में क्या फैसला लें - ऐसे सवाल मन को बेचैन कर देते हैं। कई बार सिर्फ असमंजस खत्म करने के लिए जल्दबाजी में फैसला ले लिया जाता है। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को यही सिखाते हैं कि पहले मन को स्थिर करो, फिर कर्म करो।श्रीकृष्ण का श्लोक देता है स्थिरता की सीख भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के दूसरे अध्याय के 48वें श्लोक में कहा है -'योगस्थः...
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